रिमोट
ए काश खुदा तू हमको भी
रिमोट कोई ऐसा देता
जो क़ल्ब को क़ाबू में रखता
जो पास हमारे ही रहता
जब चैन- ओ- सुकूं ये दिल खोता
जब दर्द से पुर ये दिल होता
जब आंख नहीं ये दिल रोता
बस एक बटन के दबते ही
सब रंजो अलम जो दिल में है
तब्दील खुशी में हो जाते
लम्हात जो सारे गमगीन थे
पल भर में कहीं वह खो जाते
ए काश खुदा तू हमको भी
रिमोट कोई ऐसा देता
जो क़ल्ब को क़ाबू में रखता
जो पास हमारे ही रहता